Jay prakash
آخرین نظرات
Mohandas Ji Maharaj Samadhi
2018 Jan 31
श्रावण द्वादशी मंगलवार को भक्त शिरोमणि मोहनदास जी भगवत भजन में इतने लीन हो गए कि उन्होनें घी और सिंदूर से मूर्ति को श्रृंगारित कर दिया और उन्हें कुछ ज्ञात भी नहीं हुआ। उस समय बाला जी का पूर्व दर्षित रूप जिसमें वह श्रीराम और लक्ष्मण को कंधे पर धारण किए थे, अदृश्य हो गया। उसके स्थान पर दाढ़ी-मूंछ, मस्तक पर तिलक, विकट भौंहें, सुंदर आंखें, पर्वत पर गदा धारण किए अदभुत रूप के दर्शन होने लगे। इसके बाद शनैःशनैः मंदिर का विकास कार्य प्रगति के पथ पर बढ़ता चला गया।